Bihar Board Final Exam 2026 2 Years Ban का सख्त कदम, अब इंटर के ये परीक्षार्थी अगले 2 साल तक नहीं दे पाएंगे वार्षिक परीक्षा, साथ ही होंगे निष्कासित

Bihar Board Final Exam 2026 2 Years Ban: बिहार इंटर परीक्षा 2026 के दौरान जब कई केंद्रों पर देर से पहुंचने के कारण अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया तो उन्होंने परीक्षा केंद्र की चहारदीवारी पर चढ़ने की कोशिश की, कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने हंगामा किया।

Bihar School Examination Board ने अब ऐसे अभ्यर्थियों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र की दीवार पर चढ़ने की कोशिश की, उन्हें अब दो साल के लिए परीक्षा देने से रोक दिया जाएगा। वहीं, केंद्र पर देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को कोई राहत नहीं मिलेगी, उन्हें किसी भी हालत में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

जो छात्र परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचेंगे और परीक्षा केंद्र की चहारदीवारी पर चढ़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें दो साल के लिए परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा। साथ ही ऐसे छात्रों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। बिहार बोर्ड ने बताया है कि परीक्षा केंद्रों की चहारदीवारी पर चढ़ना एक आपराधिक कृत्य है, जो कदाचार मुक्त परीक्षाओं के संचालन को प्रभावित करता है।

इन मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी:

  • नकल करते पकड़े जाने पर
  • मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्टवॉच, या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने पर
  • नकली कैंडिडेट (किसी और की जगह परीक्षा देना) का इस्तेमाल करने पर
  • क्वेश्चन पेपर या आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने पर
  • एग्जाम सेंटर पर गड़बड़ी करने या अनुशासनहीनता करने पर

ये नियम बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा के सभी स्ट्रीम आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स पर समान रूप से लागू होंगे।

Annual Examination for The Next 2 Years ये छात्र दो साल तक परीक्षा नहीं दे सकेंगे

अब बिहार बोर्ड ने ऐसे अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की सीमा लांघने को आपराधिक कृत्य माना है और कहा है कि इससे कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन प्रभावित होता है। इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए बिहार बोर्ड विद्यालय परीक्षा समिति ने निर्देश दिया है कि दोषी परीक्षार्थियों की पहचान कर कार्रवाई की जाये।

इसके अलावा परीक्षा केंद्र की सीमा पार करने की कोशिश करने वाले छात्रों को दो साल के लिए परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा, उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

देर से पहुंचने वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा

Bihar Board ने निर्देश दिया है कि अगर देर से पहुंचने वाले छात्रों को किसी भी केंद्राधीक्षक ने परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी, तो उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी विद्यार्थियों को पहली पाली की परीक्षा में शामिल होने के लिए सुबह 9 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सूचना दी गई है।

क्या है बिहार बोर्ड का नया नियम और किन छात्रों पर होगा लागू

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर सख्त फैसला लिया है। नकल, गलत तरीकों के इस्तेमाल और धोखाधड़ी को रोकने के लिए, बोर्ड ने परीक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। इस नए फैसले के तहत, कुछ इंटरमीडिएट छात्रों को न सिर्फ मौजूदा परीक्षा से निकाल दिया जाएगा, बल्कि उन्हें अगले दो सालों तक बिहार बोर्ड की सालाना परीक्षाओं में बैठने से भी रोक दिया जाएगा। इस फैसले का सीधा असर 2026 और उसके बाद के सेशंस की बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षाओं पर पड़ेगा।

बिहार बोर्ड का यह सख़्त कदम मुख्य रूप से परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। बोर्ड के अनुसार, जो छात्र नकल, प्रश्न पत्र लीक, डमी कैंडिडेट का इस्तेमाल, या मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल जैसे गंभीर अपराधों में दोषी पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत परीक्षा से निकाल दिया जाएगा। इसके अलावा, ऐसे छात्रों को अगले दो सालों तक इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा में बैठने से रोक दिया जाएगा।

इन स्टूडेंट्स को अब दो साल तक सालाना एग्जाम देने से रोक दिया जाएगा

इस फैसले का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जो परीक्षा पास करने के लिए शॉर्टकट अपना रहे हैं। बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट परीक्षाओं में अनुशासन के महत्व पर बार-बार ज़ोर दिया है, लेकिन इस बार सज़ा की अवधि बढ़ाकर दो साल कर दी गई है, जिसे पहले से काफी सख़्त माना जा रहा है।

बोर्ड ने साफ किया है कि यह कार्रवाई बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा नियमों के तहत की जाएगी, और दोषी पाए गए छात्रों का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है। इसका मतलब है कि छात्र को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने और परीक्षा में फिर से बैठने के लिए अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

इस सख्ती के पीछे बोर्ड का मकसद क्या है?

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षाओं में लंबे समय से नकल और गड़बड़ियों की शिकायतें आती रही हैं। हालांकि बोर्ड ने पिछले कुछ सालों में कई कदम उठाए हैं, जैसे CCTV कैमरे लगाना, जैमर का इस्तेमाल करना, फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात करना और सेंटर सुपरिटेंडेंट को ज़िम्मेदार ठहराना, फिर भी गड़बड़ी के मामले सामने आते रहे हैं। इसलिए, अब बोर्ड ऐसे जुर्माने लगा रहा है जो सीधे छात्रों के भविष्य पर असर डालेंगे।

FAQs

क्या निष्कासित छात्र फिर से रजिस्ट्रेशन कर सकता है?

दो साल की अवधि पूरी होने के बाद, छात्र को बोर्ड की प्रक्रियाओं के अनुसार नए सिरे से आवेदन करना होगा।

क्या पहली बार गलती करने पर भी दो साल का बैन लगाया जाएगा?

अगर मामला गंभीर है और बोर्ड की जाँच में छात्र दोषी पाया जाता है, तो पहली बार गलती करने पर भी बैन लगाया जा सकता है।

किन छात्रों को दो साल के लिए परीक्षा देने से रोक दिया जाएगा?

धोखाधड़ी, जालसाजी, या गंभीर अनुशासनहीनता के दोषी पाए गए छात्रों को यह सज़ा मिलेगी।

Bihar Board Final Exam 2026 2 Years Ban

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