बिहार बोर्ड क्लास 11वीं सत्र 2024-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया के तीन महीने बीतने को हैं, लेकिन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से अभी तक OFSS BSEB Merit List 2024 जारी नहीं की गई है। इस कारण इंटरमीडिएट में नामांकन को लेकर छात्र असमंजस एवं टेंशन की स्थिति में हैं।
बिहार के सभी जिलों के इंटरमीडिएट स्कूलों में एडमिशन को लेकर छात्र असमंजस में हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने अभी तक एडमिशन के लिए मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है। छात्र मेरिट लिस्ट जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटरमीडिएट में एडमिशन के लिए OFSS पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे।
नए नियम के लागू होने और वापस लिए जाने के बाद छात्रों में असमंजस
इस आवेदन में छात्रों ने नियमानुसार संस्थानों का चयन करने का विकल्प भरा था। लेकिन आवेदन के कुछ दिनों बाद ही शिक्षा विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि हर छात्र उसी स्कूल में 11वीं में एडमिशन लेगा, जहां से उसने मैट्रिक की परीक्षा पास की है।
इतना ही नहीं नामांकन और पढ़ाई का कैलेंडर भी जारी कर दिया गया। यह भी कहा गया कि बिना नामांकन के पढ़ाई शुरू हो जाएगी। हालांकि व्यवहार में ऐसा कुछ नहीं हुआ। ऐसे में छात्र असमंजस में पड़ गए। जानकारी के मुताबिक छात्र यह समझ नहीं पा रहे थे कि उन्हें एडमिशन कहां लेना है? क्या उन्हें उसी स्कूल में एडमिशन लेना है, जहां से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की है या फिर बोर्ड इसके लिए मेरिट लिस्ट जारी करेगा और उसी के अनुसार एडमिशन लेना है। इसी बीच बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से एडमिशन के लिए पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई।
स्कूलों में 10वीं कक्षा में प्रवेश लेने के नियम वापस लिए गए
मेरिट लिस्ट जारी होने के दूसरे दिन छात्रों की ओर से दायर मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति छात्र द्वारा OFSS Patna के माध्यम से भरे गए संस्थान के विकल्प के आधार पर एडमिशन की प्रक्रिया सुनिश्चित करे। ऐसे में BSEB Patna ने फिर से पत्र जारी कर छात्रों को एडमिशन का विकल्प सही करने का मौका दिया। फिर पूर्व में जारी मेरिट लिस्ट को वापस ले लिया गया।
तब से छात्र बोर्ड द्वारा मेरिट लिस्ट जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें एडमिशन मिल सके। छात्रों के अभिभावक भी एडमिशन को लेकर असमंजस में हैं। वे शिक्षण संस्थानों से संपर्क कर एडमिशन के बारे में जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कहीं भी सटीक जानकारी नहीं मिल रही है।
गौरतलब है कि जून महीना भी खत्म हो गया है, लेकिन अभी तक इंटरमीडिएट में नामांकन शुरू नहीं हो पाया है। मैट्रिक का रिजल्ट समय पर घोषित होने के बाद छात्रों को लगा था कि जल्द ही उनका इंटरमीडिएट में नामांकन हो जाएगा और उनकी पढ़ाई शुरू हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इंटरमीडिएट का दो वर्षीय सत्र अप्रैल से अप्रैल तक होता है। इसी के अनुसार संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होती हैं। 11वें सत्र के तीन महीने बीतने को हैं, लेकिन अभी तक नामांकन का कोई आसार नहीं दिख रहा है।