BSEB Inter Special Exam 2026: जिन परीक्षार्थियों की किसी भी विषय का परीक्षा किसी कारणवश छूट गई है, उन्हें उस विषय की परीक्षा की चिंता छोड़कर बाकी विषयों वाली परीक्षाओं की तैयारी पर पूरा ध्यान देना चाहिए। क्यूंकि बिहार बोर्ड द्वारा अप्रैल 2026 में ऐसे वंचित छात्रों को दोबारा परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जायेगा।
बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुचारु रूप से चल रही है। परीक्षा के पहले और दूसरे दिन, को कुछ परीक्षार्थी तय समय से देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे, जिस वजह से गेट बंद होने के बाद उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका और उनकी परीक्षा छूट गई। हालांकि, ऐसे छात्रों को घबराने या निराश होने की जरूरत नहीं है।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) नियमों के तहत ऐसे सभी प्रभावित परीक्षार्थियों की परीक्षा किसी अन्य तिथि पर आयोजित करेगा। ऐसे में छात्रों को संयम बनाए रखते हुए आगे की परीक्षाओं पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।
अप्रैल में मिलेगा परीक्षा दे के साल बचाने का सुनहरा अवसर
बोर्ड ने कहा है कि जो भी छात्र किसी भी वजह से अपनी परीक्षा नहीं दे पाए, वे अप्रैल में होने वाली स्पेशल परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस परीक्षा का रिजल्ट मई में घोषित किया जाएगा। BSEB Patna ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी हालत में परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र के सभी गेट बंद कर दिए जाएंगे।
इसलिए, छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे तय समय से पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। हालांकि, सभी छात्रों को पेपर शुरू होने से एक घंटा पहले केंद्र में आने की इजाज़त है।
छात्रों को एक और मौका देगा जो परीक्षा नहीं दे पाए
जो परीक्षार्थि किसी भी कारण से अपनी परीक्षा नहीं दे पाए थे। ऐसे छात्रों के लिए एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह विशेष परीक्षा अप्रैल 2026 में होगी। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन अप्रैल महीनेमें भरने होंगे।
बोर्ड ने साफ किया है कि देर से आने के कारण गेट बंद होने के बाद किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाएगा, और सेंटर सुपरिटेंडेंट को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
BSEB ने पहले ही एक एडवाइजरी जारी की थी
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने पहले ही एक एडवाइजरी जारी करके स्टूडेंट्स को बताया था कि एग्जाम 2026 शुरू होने से 30 मिनट पहले एग्जामिनेशन सेंटर में एंट्री बंद कर दी जाएगी। Bihar School Examination Board ने एक ज़रूरी नोटिस में कहा था कि एग्जामिनेशन सेंटर में एंट्री एग्जाम से एक घंटे पहले शुरू होगी और मेन गेट शुरू होने के समय से आधे घंटे पहले बंद कर दिया जाएगा।
इसके बावजूद, मुजफ्फरपुर ज़िले के 81 सेंटर्स पर एग्जाम हुए, जहाँ सिर्फ़ पहली शिफ्ट में ही 100 से ज़्यादा स्टूडेंट्स एग्जाम नहीं दे पाए। कई सेंटर्स पर सुबह 9:30 बजे तक गेट बंद कर दिए गए थे। एग्जामिनेशन सेंटर्स के बाहर दर्जनों लड़कियाँ रोती हुई दिखीं। कुछ स्टूडेंट्स ने बताया कि वे सिर्फ़ 9:02 बजे पहुँचे थे, लेकिन सिक्योरिटी चेक के नाम पर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।
हंगामे के साथ शुरू हुआ इंटर का परीक्षा
यह ध्यान देने वाली बात है कि इस साल की बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के लिए सख्त इंतज़ाम किए गए थे। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने पहले ही परीक्षार्थियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें उन्हें परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद, परीक्षा के पहले दिन कई जिलों से अफरा-तफरी की तस्वीरें सामने आईं।
मुजफ्फरपुर से लेकर पटना तक, दर्जनों छात्रों को देर से आने के कारण परीक्षा केंद्रों के बाहर रोक दिया गया। एक परीक्षा केंद्र पर, कथित तौर पर एक छात्रा गेट पर चढ़ने की कोशिश में घायल हो गई। इस बीच, बोर्ड ने नकल के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए, पहले ही दिन गलत काम करने के आरोप में 26 परीक्षार्थियों को निष्कासित कर दिया।

इसके अलावा, कुछ छात्रों के एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र के गलत पते छपे होने के मामले भी सामने आए। कई परीक्षार्थी गलत केंद्र पर पहुंचने के कारण परीक्षा नहीं दे पाए। बेगूसराय और औरंगाबाद सहित कई जिलों से छात्रों के विरोध प्रदर्शन की खबरें मिलीं। कुछ जगहों पर स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
नकल रोकने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी
बिहार बोर्ड ने नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। भीड़ इकट्ठा होने से रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की जाएगी। इसके अलावा, यह पक्का करने के लिए कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या गैर-कानूनी सामान अंदर न लाया जाए, छात्रों की दो लेवल पर तलाशी ली जाएगी। बिहार बोर्ड परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन पूरी तरह से बैन हैं।
नियम तोड़ने पर दो साल का बैन और FIR
बिहार बोर्ड अनुशासन को लेकर बहुत सख्त है। इस साल परीक्षा केंद्रों पर व्यवहार में ज़रा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई परीक्षार्थी ज़बरदस्ती सेंटर में घुसने की कोशिश करता है या दीवार फांदकर अंदर जाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाएगी। ऐसे छात्रों को न सिर्फ परीक्षा से निकाल दिया जाएगा, बल्कि अगले दो साल तक किसी भी परीक्षा में बैठने से भी रोक दिया जाएगा।